रायबरेली-उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में लोध्वारी ग्राम शभा में गाँव हैं ढोलबज़ा गांव, यहां आजादी के बाद से अबतक मूलभूत सुविधाएं अपना पता नहीं तलाश सकी हैं। इस गांव में सरकारी दावों के ठीक विपरीत आजतक नालियां नही बन पाई है।यही नहीं, सड़क का भी कोई पता नहीं है। इस गांव के लोगों को अगर शहर जाना होता हैं तो यमराज वाली पुलिया के ऊपर से गुजरना पड़ता हैं बरसात के दिनों पूरी सड़क कीचड़ और पानी से भर जाती हैं जिसको लेकर कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से लेकर प्रधान से करी लेकिन उन्हें निराशा के अलावा कुछ हाथ नही लगा स्थानीय लोगों का कहना है कि इन तमाम बातों के साथ सरकारी दावों के ‘विकास’ की असलियत पहचानी जा सकती है। तंज भरे अंदाज में लोग यह भी कहते हैं कि विकास अब कहां तक पहुंचा है।
ग्रामीण नन्हई कहते हैं, ‘दो साल पहले बिजली के खंभे जरूर गाड़े गए लेकिन यह काम भी गांव के आधे हिस्से में ही किया गया। इन खंभों पर लगे तारों में आजतक मरकरी नही लगाई जा सकी ।ग्रामीणों ने बताया कि गाँव मे नालिया न बनने के कारण सारा पानी सड़को पर जाता है जिससे बीमारी फैलने का डर बना रहता हैं लेकिन उनकी गुहार सुनने वाला कोई नही।
यमराज वाली पुलिया और सड़क
गाँव के बीच मे एक नहर पड़ती हैं जिसकी पुलिया को टूटे 10 साल हो चुके हैं पर आज तक जिम्मेदार अधिकारियों ने उसे देखना भी मुनासिब नही समझा ,टूटी पुलिया के ऊपर से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करते है ,वही जो सड़क गांव को जोड़ती हैं उसे भी लोगो ने कब्जा करके छोटी कर दिया है सड़क छोटी होने से आये दिन वाहन चालकों मे बहस होती हैं क्योंकि एक बार मे सड़क से एक बार मे एक ही वाहन निकल पाता हैं लोगो ने अपने फायदे के लिए सड़क को काटकर छोटा कर दिया है।
एसडीएम सदर ने दिए जाँच के आदेश
एसडीएम सदर को जब इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से हुई तो उन्होंने तत्काल सम्बंधित अधिकारियों को जाँच के आदेश जारी किए व पूरे मामले की रिपोर्ट माँगी हैं एसडीएम सदर ने मीडिया को बताया कि आपके माध्यम जानकारी प्राप्त हुई है ग्रामीणों को जो भी दिक्कतें आ रही हैं वो जल्द से जल्द दूर करा दी जाएगी














