रायबरेली। जिले में एक बड़ी अच्छी खबर आई है। रायबरेली पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा से पर्सनल लोन दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। 9 अप्रैल 2026 को थाना कोतवाली नगर पुलिस टीम ने लालगंज रोड पर राणा नगर कब्रिस्तान के पास से पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार सिंह के कुशल पर्यवेक्षण में की गई। मामला बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा रायबरेली से जुड़ा है। यहां ४८ पर्सनल लोन खातों में फर्जी सैलरी स्लिप, फर्जी नियुक्ति पत्र और आधार पर पता बदलकर लोन पास करवाया गया था। बैंक की जांच में यह घोटाला सामने आया, जिसके बाद 29 दिसंबर 2025 को बैंक प्रबंधक मुकेश पुत्र स्व० राज किशोर प्रसाद सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी लोगों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर कुल ९ करोड़ रुपये से अधिक का लोन लिया था।
गिरफ्तार पांच आरोपियों के नाम
राजेश सिंह पुत्र छेदा सिंह (मोहल्ला इंदिरा नगर, उन्नाव)
बल्लू राठौर पुत्र श्रीराम रतन राठौर (सीतापुर)
गोपाल सिंह पुत्र स्व० महेश सिंह (लखनऊ)
राधिका देवी (पत्नी गोपाल सिंह, लखनऊ)
कामिनी राठौर (पत्नी बल्लू राठौर, सीतापुर)
इनमें से कुछ पति-पत्नी जोड़े भी शामिल हैं। आरोपियों ने जानकारों/रिश्तेदारों के खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए, नए खाते खुलवाए और फर्जी दस्तावेज देकर लोन ले लिया। एक आरोपी बल्लू राठौर और कामिनी राठौर ने मिलकर 38 लाख 90 हजार रुपये का पर्सनल लोन लिया था। पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 61(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की है।
पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और धरातलीय साक्ष्यों के आधार पर इनकी धरपकड़ की। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने कहा कि यह कार्रवाई बैंकिंग क्षेत्र में फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त संदेश है। यह घटना आम लोगों के लिए चेतावनी भी है कि बैंक लोन लेते समय सही दस्तावेज इस्तेमाल करें और फर्जी साधनों से बचें। साथ ही, बैंक अधिकारियों को भी केवाईसी की सख्त जांच करनी चाहिए। रायबरेली पुलिस की यह सफलता पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने और आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने में पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। अगर बाकी आरोपी भी जल्द गिरफ्तार हो जाते हैं तो पूरा घोटाला उजागर हो जाएगा और बैंक को हुए नुकसान की भरपाई की दिशा में भी प्रगति होगी।
फर्जी दस्तावेजों से बैंक लोन घोटाले का पर्दाफाश, 5 गिरफ्तार













