चंदापुर ने किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार
महराजगंज (रायबरेली)। चंदापुर थाना क्षेत्र में खेत में मिले खून से लथपथ शव का राज अंतत: खुलने लगा है। 3० नवंबर को पूरे मोती गांव के पास खेत में मिले 4० वर्षीय दीपक गोस्वामी की मौत को पहले हादसा बताने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ में मामला हत्या की कगार पर आकर खड़ा हो गया है। घटना के बाद मृतक के भाई संतोष कुमार गोस्वामी ने एक्सीडेंट की आशंका जताते हुए तहरीर दी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। परंतु जांच गहराने पर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पूछताछ में पूरे तालेबंद ज्योना के अमित और आवेश ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 29 नवंबर की रात वे अपने मामा के लड़के बृजेश पुरी (निवासी—गोसाई का पुरवा, थाना जामो अमेठी) और उसके साथी कमलेश पुरी (निवासी—मठिया, थाना मोहनगंज अमेठी) के साथ थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और चारों ने मिलकर मृतक दीपक की डंडों व लात-घूसों से बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोपियों ने पीड़ित को गनपत के पुरवा जाने वाले रास्ते के पास खेत में मरणासन्न हालत में छोड़ दिया और अंधेरे में फरार हो गए। पुलिस ने अमित और आवेश को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी बृजेश पुरी और कमलेश पुरी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही है।
हादसा नहीं हत्या थी दीपक गोस्वामी की मौत














