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Wednesday, April 1, 2026

9 करोड़ लोगों ने चुन लिए अपनी पसंद के चैनल: TRAI चीफ

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रायबरेली ब्यूरो | Raebareli Bureau | Raebareli Beuro

उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए ट्राई लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है.

टेलिकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) ने कहा है कि 17 करोड़ में से 9 करोड़ केबल टीवी और DTH ग्राहक अपनी पंसद के चैनल चुनकर नई शुल्क व्यवस्था में आ गए हैं. उपभोक्ताओं को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए ट्राई लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है.

टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि हमारे आंकड़ों के मुताबिक नई व्यवस्था में आने वालों की संख्या बढ़ी है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही बाकी लोग भी अपनी पंसद के चैनल चुन लेंगे. जिन 9 करोड़ ग्राहकों ने अपने पसंदीदा चैनल चुन लिए हैं, उनमें 6.5 करोड़ केबल टीवी ग्राहक और 2.5 DTH ग्राहक हैं.

शर्मा ने कहा कि कुल 17 करोड़ टीवी चैनल ग्राहकों में से नौ करोड़ ने ऑपेरटर के पास पसंद के चैनल को लेकर रजिस्ट्रेशन करा दिया है. यह बड़ी संख्या है. कुल 17 करोड़ ग्राहकों में 10 करोड़ केबल ग्राहक हैं. ट्राई चेयरमैन ने कहा कि चूंकि DTH एक प्री-पेड मॉडल है, इसलिए जैसे ही ग्राहकों के लंबी और छोटी अवधि के पैक समाप्त हो जाएंगे, वे लोग अपने चैनल का चयन करेंगे.

दिक्कतें दूर करने के लिए रेगुलरली हो रहीं मीटिंग

शर्मा ने जोर देकर कहा कि जहां पर भी जरूरत है हम ऑपरेटरों की मदद कर रहे हैं और उन्हें रास्ता दिखा रहे हैं. यही नहीं दिक्कतों को स्पष्ट करने के लिए नियमित बैठक भी बुला रहे हैं.यह भी कहा कि रेगुलेटर की ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना है. इसके लिए सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया, विज्ञापन और अन्य कार्यक्रमों का सहारा लिया जाएगा.

कई कनेक्शन वालों के लिए आ सकते हैं विशेष प्लान

ट्राई ने हाल ही में टीवी ऑपरेटरों को कई टीवी कनेक्शन रखने वालों के लिए विशेष स्कीम और प्लान उपलब्ध कराने की योजना पर फिर से लौटने को कहा था. ट्राई ने स्पष्ट किया था कि यदि उपभोक्ता चाहे तो ऑपरेटर एक ही घर के अंदर अलग-अलग सेट टॉप बॉक्स लगा सकते हैं. शर्मा ने कहा कि ट्राई को कई कनेक्शन वाले घरों के लिए विशेष स्कीम के लिए तीन ऑपरेटरों की प्रतिक्रियाएं मिली थीं लेकिन ट्राई इस समय इस मामले में हस्तक्षेप करना जरूरी नहीं समझता.

बता दें कि क्रिसिल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि नई नियामकीय व्यवस्था से टीवी देखने की लागत 25 प्रतिशत तक बढ़ गई है. हालांकि, ट्राई ने इस दावे को खारिज किया है.

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