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Wednesday, April 1, 2026

जानकारी न होने से तकनीकी खेती से नहीं जुड़ रहे किसान

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रायबरेली ब्यूरो | Raebareli Bureau | Raebareli Beuro

बछरावां (रायबरेली)। एक तरफ केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार किसानों के लिए नित नई-नई योजनाएं संचालित करता है लेकिन विभाग द्वारा ठोस जानकारी के न होने के चलते किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों को तकनीकी खेती से अधिक उपज वाली तकनीकी फसलों को उगाने के लिए भारी समस्या का सामना करना पड़ता है, लेकिन जागरूक किसानों द्वारा व्यक्तिगत रूप से तकनीकी खेती से जुडऩे का प्रयास किया जा रहा है। जिसका जीता-जागता उदाहरण विकास खंड बछरावां के किसानों ने तकनीकी खेती कर जनपद में नहीं बल्कि प्रदेश में भी नाम रोशन कर दिया है।

बताते चलें कि नीम टीकर गांव के आलोक चौधरी उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद नौकरी न मिलने के बाद तकनीकी खेती करके नाम रोशन करने का काम किया है। किसान आलोक चौधरी ने बताया कि वर्तमान समय में टमाटर की खेती, गोभी की खेती, तरबूज की खेती, आलू की खेती के माध्यम से कम भूमि पर अधिक उपज पैदा करने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में चार बीघा भूमि पर सब्जी की खेती बीते पांच वर्षों से लगातार की जा रही है जिसमें तरबूज की खेती 10 बिस्वा करने पर एक लाख तक की बचत आती है। जिसमें अधिक उत्पादन के लिए समय-समय पर उर्वरक शक्तियां व रख-रखाव का विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसके कारण अधिक से अधिक लाभ कमाया जा सकता है। किसान श्री चौधरी ने बताया कि खेती के माध्यम से प्रदेश स्तर तक कृषि प्रदर्शनीयों में जनप्रतिनिधियों एवं कृषि अधिकारियों के माध्यम से सम्मानित होने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि यदि सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में लोगों को तकनीकी खेती से जोड़ा जाए तो उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

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