महराजगंज रायबरेली
जमीनी विवाद मे एकपक्षीय कार्यवाही के तहत पति क़ो जेल भेजे जाने से आहत महिला चक्कर खाकर अचानक तहसील परिसर मे बेहोश हो गिर पड़ी। महिला क़ी हालत देख परिसर मे हड़कंप मच गया। इस दौरान नाराज अधिवक्ताओं क़ी एसडीएम से गहमी गहमा बनी रही जिस पर एसडीएम द्वारा प्रकरण मे जमानतदार क़ो भी पुलिस के सुपुर्द कर जेल भेजने क़ी बात कही।
बताते चले क़ी शुक्रवार क़ी देर शाम तहसील परिसर मे उस समय हड़कंप मच गया जब एसडीएम कोर्ट मे जमीनी विवाद मे महराजगंज कोतवाली पुलिस द्वारा लाए गए सुजातगंज मजरे बावन बुजुर्ग बल्ला निवासी नागेश्वर पुत्र रामदास क़ो शांती भंग के आरोप मे जेल भेजने का फरमान सुना दिया। पति के जेल भेजे जाने क़ी बात सुन कोर्ट के बाहर खड़ी युवक क़ी पत्नी चंदा गिर कर बेहोश हो गयी। महिला क़ो बेहोश पड़ा देख अधिवक्ताओं एवं लोगो का मजमा लग गया। एकपक्षीय कार्यवाही मे जेल भेजे जाने क़ी बात सुन खड़े लोगो मे एसडीएम शालिक राम एवं कोतवाली पुलिस क़ी कार्यशैली के विरुद्ध खासा आक्रोश देखने क़ो मिला। इस दौरान जेल भेजे जा रहे युवक के परिजनो ने एसडीएम से वार्ता क़ी जिस पर ताव खाए एसडीएम ने अफसरी रौब दिखाते हुए जमानतदार क़ो ही पुलिस के हवाले कर जेल भेजने का तुगलकी हुकुम सुना दिया। जिसको लेकर अधिवक्ताओं मे खासा आक्रोश देखने क़ो मिला। इस दौरान तहसील कर्मियों द्वारा पुलिस क़ी मदद से महिला क़ो सीएचसी पहुंचाया जहां खबर लिखे जाने तक महिला क़ी स्थिति सामान्य बताई जा रही। वही तहसील परिसर मे क्षेत्राधिकारी रामकिशोर सिंह एवं कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह मय पुलिस बल मौजूद रहे। उधर अधिवक्ताओं ने प्रकरण मे संगठन क़ो जानकारी दे आगे कदम उठाए जाने क़ी बात कही।
एडवोकेट अशोक यादव रिपोर्ट














